Sunday, June 13, 2021
Homeमोटिवेशनल स्टोरीज14 साल पहले घर छोडक़र गए बच्चे को मां-बाप के पास खींच...

14 साल पहले घर छोडक़र गए बच्चे को मां-बाप के पास खींच लाई कुदरत, फटेहाल था वह, अब बन गया बड़ा बिजनेसमैन

हरदोई। इस युवक की कहानी बेहद ही फिल्मी है। अभी तक आपने फिल्मों में देखा होगा कि परिवार का बिछुड़ा हुआ कोई बच्चा अचानक से अमीर आदमी बनकर अपने घर पहुंचता है। वह भी किसी फिल्मी सीन की तरह से। युवक अपने गांव के पास से गुजर रहा होता है और अचानक से उसे अपने घर की याद आ जाती है। वह अपनी शानदार और लगजरी गाड़ी में कुछ अधूरी यादों के साथ अपने घर पहुंच जाता है, जहां उसे अपने बिछुड़े मां-बाप मिल जाते हैं।

rinku
अपने परिजनों से मिल कर खुश हुआ युवक

हरदोई जिले के गांव फिरोजापुर की है यह कहानी

कुछ ऐसी ही कहानी है हरदोई जिले के सांडी विकास खंड के अंतर्गत आने वाले गांव फिरोजापुर में रहने वाले एक परिवार की। होली से पहले ही इस परिवार में खुशियों के रंग उस समय दिखाई देने लगे ,जब अचानक से 14 साल से लापता उनका बेटा अपने घर आ गया। गांव में रहने वाले सरयू एक छोटे से किसान हैं और उनकी पत्नी सीता घर में ही रहती हैं। करीब 14 साल पहले उनका बेटा रिंकू किसी बात से नाराज होकर घर छोडक़र चला गया था। हालांकि रिकंू के जाने के बाद परिवार ने उसे बहुत खोजा, मगर वह नहीं मिला। तब परिवार ने इसे कुदरत का फैसला समझते हुए स्वीकार कर लिया।

अचानक से आ खड़ा हुआ रिंकू

मगर उस समय इस परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब 14 साल पहले लापता हुआ उनका बेटा रिंकू अचानक से उनके सामने आ खड़ा हुआ, वह भी एक बड़ी और शानदार गाड़ी में सवार होकर। मां ने अपने बेटे को तुरंत पहचान लिया और उसे गले से लगाकर खूब रोई और प्यार करती रही। अपने मां-बाप से मिलकर रिंकू भी हैरान रह गया कि किस तरह से कुदरत उसे अपने परिवार से मिलाने ले आई।

ये है पूरी घटना

हुआ यूं कि 14 साल पहले रिकंू को पढ़ाई ना करने को लेकर पिता की डांट पड़ी थी। इससे नाराज होकर वह किसी रेल में बैठकर लुधियाना पहुंच गया। जहां उसे एक सरदार जी मिले और उन्होंने उसे एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी दिलवा दी। जहां काम करते करते रिंकू ने ट्रक चलाना सीख लिया। जैसे जैसे वह बड़ा होता गया उसे बिजनेस की समझ आने लगी। ड्राईवरी करते हुए किसी तरह से उसने अपनी जमापूंजी से एक ट्रक खरीद लिया। इसके बाद उसका धंधा चल पड़ा और ड्राईवरी करने की बजाए उसने खुद की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी बना ली तथा अपने लिए लगजरी गाड़ी खरीद ली।

बदल गई रिंकू की असली पहचान

इस दौरान उसका नाम और पहचान दोनों ही बदल गए। रिंकू की बजाए उसका नाम गुरप्रीत हो गया और रहन सहन भी सरदारों की तरह हो गया। सिर पर पगडडी पहनकर वह सरदार जैसा ही दिखने लगा। यही नहीं बल्कि उसने एक पंजाबी परिवार में विवाह भी कर लिया। दरअसल उसका एक ट्रक धनबाद में एक्सीडेंट हो गया था। वह अपनी कार से धनबाद जा रहा था, जैसे ही वह हरदोई के पास पहुंचा तो अचानक से उसे अपने परिवार को लेकर कुछ याद सा आने लगा। वह सीधे अपने गांव चला गया।

रिंकू को याद नहीं था पिता का नाम

हालांकि उसे अपने पिता का नाम याद नहीं था, मगर गांव के रहने वाले सूरत सिंह यादव का नाम उसे जरूर याद था। रिंकू उर्फ हरप्रीत सीधे सूरत के पास गया। सूरत ने उसे फौरन पहचान लिया और उसे अपने परिवार के पास ले गया। इस तरह से रिंकू अपने माता पिता से मिल पाया। रिंकू पूरे दिन अपने परिवार के बीच रहा। पंरतु बाद में उसे अपने काम के सिलसिले में निकलना पड़ा। अपने परिवार से मिलकर गुरप्रीत काफी खुश हुआ। अब वह भविष्य में अपने परिवार के साथ ही रहने की उम्मीद बांधे एक बार फिर से अपने परिवार को छोडक़र चला गया।

Stay Connected

259,756FansLike
345,788FollowersFollow
223,456FollowersFollow
33,456FollowersFollow
566,788SubscribersSubscribe

Must Read

Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here