Saturday, June 12, 2021
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सूरज की रोशनी से चलने वाले फ्रिज ने किसानों की फसलों को खराब होने से बचाया, बर्बाद होने वली फसलों को बचाना होगा लक्ष्य

हर साल किसानों की फसल सही भंडारण नहीं होने की वजह से बर्बाद हो जाती है। आए दिन मीडिया में यह मामला उछलता रहता है। हर बार सरकार कोल्ड स्टोरेज (Cold Storage) देने का दावा कर देती है।

लॉकडाउन (Lockdown) में कई ऐसे मामले सामने आए, जिसमें किसानों की फसल मंडियों तक न पहुंच पाने के कारण बर्बाद हो गई। किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। यह मामला सिर्फ लाकडाउन में नहीं बल्कि हर साल सामने आता है। लेकिन अजमेर (Ajmer) के पिचोलिया गांव की तकनीकी को पूरे राज्य और उनके जिले में लागू कर दिया जाए तो कई एकड़  फसल को बचाया जा सकता है। इस गांव में भारतीय कृषि संस्थान की ओर से पूसा फार्म सनफ्रिज (Pusa farm Sunfridge) बनाया गया है। जिसमें किसान अपने फसल को स्टोर कर सकते है।

pusa farm sunfridge
पूसा फार्म सनफ्रिज फोटो-the better india

कृषि वैज्ञानिक और अमेरिकी शोधकर्ताओं ने मिलकर बनाया फ्रीज

फसलों और सब्जियों को स्टोर करने वाले इस फ्रिज को भारतीय कृषि अनुसंधान के कृषि वैज्ञानिक विभाग की प्रधान वैज्ञानिक डा. संगीता चोपड़ा (Dr. Sangita Chopra) और अमेरिकन शोधकर्ताओं की टीम ने मिलकर बनाया है। इसमें तकनीकी से वह अनाज, दाल, फल और सब्जियां अड़े स्टोर कर सकते है। फ्रिज को तैयार करने में करीबन चार माह का समय लगा।

pusa farm sunfridge andvegetables
पूसा फार्म सनफ्रिज और सब्जियाँ फोटो -the better india

कैसे काम करता है यह फ्रिज                

53 साल की वैज्ञानिक डा. संगीता चोपड़ा (Dr. Sangita Chopra) बताती है कि पूसा फार्म सूरज की रोशनी से चलने वाला फ्रिज है। इसको चलाने के बिजली की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसमें इवेपोरेटिंग कूलिंग और सोलर रेफ्रिजरेशन तकनीक  का इस्तेमाल हुआ है। सूरज की रोशनी से काम इसलिए करता है, क्योंकि इसमें सौर पैनल लगे हुए है। जो पांच किलोवाट के है। इसके अलावा तीन किलोवाट ऊर्जा का प्रयोग, कोल्ड स्टोरेज में लगे 1.2 टन के एयर कंडीशनर को चलाने के लिए किया जाता है। इसके अंदर का तापमान तीन से चार डिग्री सेल्सियस होता है।

पानीपत के चमराड़ा गांव में भी लगाया गया है ऐसा फ्रिज

ऐसा फ्रिज पानीपत के चमराड़ा गांव में भी लगाया गया है। इसके अलावा कुछ समय पहले उन्होंने दिल्ली के मेला ग्राउंड में भी एक सनफ्रिज लगाया था। वह कहती है कि मेला ग्राउंड में बनाए गए कोल्ड स्टोरेज को ऐसा बनाया गया है। आप इसको अपने आवश्यकता अनुसार एक से दूसरी जगह पर ले जा सकते है। छोटे किसानों के लिए यह सबसे अधिक फायदेमंद है।

एक यूनिट की लागत साढ़े चार लाख रुपए

पिचोलिया गांव के किसान तनवर बताते है कि पिछले साल मार्च में कोल्ड स्टोरेज बनाया था। उस समय पूरे देश में लॉकडाउन लगा गया था। कई जगहों पर किसानों की फसले बर्बाद होगई। लेकिन हमने अपनी फसल को फ्रि ज के माध्यम से बचा लिया। वह बताते है कि एक यूनिट को बनाने की लागत करीबन साढ़े चार लाख रुपए आती है। वह बताते है कि इससे सब्जियां और फसल दोनों बचाए जा सकते है।

अधिक से अधिक किसानों पर तकनीकी पहुंचने से होगा फायदा

पूसा संस्थान के कृषि इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख इंदर मनी कहते है। हमारा उद्देश्य इस तकनीकी को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाना है। यहां पर हर साल लगभग 40 टन खाद्यान का नुकसान हो जाता है। जिसका सबसे बड़ा कारण है कि किसानों के खाद्यान तकनीक नहीं है। वह आगे कहते है कि पूसा सनफ्रिज कई तरहों से काम कर सकता है। आप इसको खेतों में भी लगा सकते है। फसलों को स्टोर कर सकते है। ऐसे में आपको अपनी फसल कम दाम में बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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